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Book Detail

Bhartiya Kala Me Nag
भारतीय कला में नाग 
Author : R.N.Srivastava
ISBN : 978-81-905984-7-7
Edition : 2007
Language : English
Size & Pages :
Publisher : Swati Publications
Format : Hardbound
Price : Rs. 700

Discription

नाग पूजा भारत में अति प्राचीन काल से प्रचलित है। साहित्य तथा कला में नागों को विशेष महत्व दिया गया है। कला में नाग को तीन रूपों में शिल्पांकित किया गया है- नागरूप में, अर्द्धमानव रूप में तथा पूर्ण मानव रूप में। प्राचीन भारत के शैव, वैष्णव, शाक्त, जैन एवं बौद्व सभी धर्मो की कला में नाग का अंकन किसी न किसी रूप में किया गया है। इस पुस्तक में मध्य प्रदेश की कला में नागों के विभिन्न रूपों में स्वतंत्र शिल्पांकनका विवरण प्रस्तुत है।

 




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